On-Page SEO -kya Hota hai ka puri Jankari

इस आर्टिकल में आप  पढ़ने वाले है On page Seo के बारे में। जिसमे आप सीखेंगे

  • कंटेंट को कैसे optimize करे।
  • SEO फ्रैंडली आर्टिकल कैसे लिखे।
  • ब्लॉग के title एवं Description को कैसे लिखे।
  •  इसके अलावा भी बहुत साड़ी जानकारी।

चलिए बिना समय बिताय आगे बढ़ते है।

What is On-Page SEO?

One-page Seo  सर्च Engine एवं यूजर के अनुसार वेब पेज को   Optimizing करने का तरीका है। इसमें  समान्य त्या हम वेबसाइट के   Link  ,title tags ,content एवं  internal links को  Optimizing करते है।

आप निचे के इमेज के मदद से ओवरव्यू को समझ सकते है

One-page Seo

चलिए इसको और बेहतर तरीको से समझने की कोसिस करते है। क्या होता होगा जब हम गूगल में कुछ सर्च करते है। इसको निचे के इमेज के द्वारा समझे। 

Optimize Your Content for SEO

अभी हमने one -Page Seo के बारे में समझा। हम ये भी समझ गए की गूगल किसी भी वेबसाइट को कैसे रैंक करता है। एक वेबसाइट को रैंक करने से पहले गूगल किन -किन फैक्टर को चेक करता है।

ये जानना बहुत जरुरी है। बिना इस जानकारी के आप ब्लॉग को रैंक नहीं करवा सकते है। वेसे आप को बता दू की गूगल  किसी भी वेबसाइट को रैंक रकने से पहले लगभग 200 रैंकिंग फैक्टर को चेक करता है।

सभी रैंकिंग फैक्टर को पूरा कर पाना पॉसिबल नहीं है। इस वजह से आप कुछ ऐसे फैक्टर को ध्यान से चेक करे की आप के आर्टिकल में होना चाहिए। ऐसे ही हम इस सेक्शन में पढ़ने वाले है।

अब आगे आप पढ़ने वाले है। वेबसाइट के कंटेंट को केसे सर्च Engine एवं यूजर के अनुसार बना सकते है।किसी कंटेंट को Optimize  करने का मतलब ये होता है की आप के कंटेंट में वो सभी जानकारी होना चाहिए। जिसकी हेल्प से गूगल आप के कंटेंट के बारे में समझ पाए की कंटेंट किसके बारे में है।

अब आप सीखेंगे —

  1. Keyword Optimization
  2. Head लाइन Optimization
  3. SubHeading Optimization
  4. Keyword Density
  5. Content Url

 

Keyword Optimization


कीवर्ड को Optimization के लिए आप अपने मुख्य टारगेट कीवर्ड को। Content के starting में 100  to 150  वर्ड के बिच में रखे। ध्यान रखे की कीवर्ड का कम -से -कम एक या 2 बार यूज़ हो। 


जैसे मेने इस आर्टिकल को  जिस कीवर्ड पर optimize किया है। उसको मेने अपने आर्टिकल के फर्स्ट लाइन में यूज़ किया है। 


 

ऐसा क्यों करना चाहिए ?


इसका सीधा जबाब है की फर्स्ट 100  to 150 word  के बिच में अगर आप का टारगेट कीवर्ड आता  है तो। गूगल उसे ज्यादा महत्व देता है। 


चलो मानते है की आप एक आर्टिकल लिख रखे है। आप का टारगेट keyword है  “Meta Tags in SEO” . आप जब इस पर आर्टिकल लिखते है और आर्टिकल बहुत ही अच्छा है। अगर आप ने कीवर्ड का यूज़ नहीं किया तो आप का Content रिलेवेंट नहीं हो पायेगा। 

Head लाइन Optimization

 H1 Tag को कंटेंट का मिनी या छोटा tagline कहा जाता है। गूगल इसके हेल्प से कंटेंट के structure को मालूम करता है। यह यूजर के लिय भी बहुत अच्छा होता है। 

हाल में एक यूजर ने SEO Conference में एक Question किया था गूगल टीम से। जिसका जबाब गूगल टीम ने इस प्रकार दिया। 

Image By  Backlinko

#Keywords in Title Tag

keyword हमेसा website के Title में होना चाहिए। क्यों की Google के algorithm किसी भी कंटेंट को रैंक तभी करते है जब उस contant के Title Tag में उस कीवर्ड का नाम लिखा हो, जिसके बारे में Content है ।  Search Engine  कीवर्ड के अनुसार ये Decisions लेता है की Website या Blog किस टॉपिक या किस Question का के लिए  SERP में दिखाना चाहिए।

#A unique title for every page

Website या Blog का Content हमेसा Unic और इंटरस्टिंग होना चाहिए। और  आप के Website किसी के द्वारा सर्च किया जाये तो। टाइटल को देख कर यूजर क्लिक करने पर मजबूर हो जाये। वो जानने के लिए excited हो जाये की कंटेंट में ऐसा क्या है। Search Engine के अनुसार जितना ज्यादा क्लिक आप के वेबसाइट या ब्लोग पर होगा उसकी रैंकिंग उतनी जाया होगी। और आप एक अच्छा खासा ट्रैफिक आपने वेबसाइट के लिए ला सकते है। 

ये हमेसा याद रखे की कंटेंट या पेज का title का length 55  वर्ड से लेकर 65 character के बिच होना चाहिए। 

#Meta Description

 One Page Seo  के लिए पहले Meta Description  बहुत इम्पोर्टेन्ट होता था। Meta Description के अनुसार Search इंजन ये dision लेता था की कंटेंट की टॉपिक पर है। हल ही में गूगल ने ये कहा था की Meta Description वेबसाइट के रैंकिंग में हेल्प नहीं करता है। 

 Meta Description को  क्लियर और Clickable लिखने से हमें 

  • CTR (Click-through rate) बढ़ता है। 
  • कंटेंट के बारे में यूजर आसानी से समझ जाता है। 
  • reader को ये मालूम चल जाता है की वेबसाइट का कंटेंट क्या है 

# Header  Tag  का यूज़ 

वेबसाइट के कंटेंट जो भी आप लिखे है। वो पूरी तरह से HTML टैग के( H1 से  H6 )के द्वारा अछि तरह से डिवाइड किया गया हो। ता की किसी भी यूजर या रीडर को कंटेंट के Structure Clearly  समझ में आ जाये की। पेज या वेबसाइट के किस सेक्शन में किस Headline  के बारे में बताया गया है।

 Header  Tag का फायदा 

  • यह कंटेंट को पढ़ने में आसान करता है। 
  • Search  engine  को हेल्प करता है कंटेंट समझने में। 
  • Website /Blog  का यूजर Exprance  बढ़ाने में हेल्प करता है। 

# Optimize Images 

अगर आप किसी भी इमेज का यूज़  करते है तो। आप को इमेज को भी ऑप्टिमाइज़ करना परता है. इमेज के alt टैग के अंन्दर Keyword का यूज़ होना चाहिए। इसके अलवा इमेज का साइज भी कम्प्रेस होना चाहिए। अगर इमेज की साइज कम्प्रेस होगा तो आप के वेबसाइट की लोडिंग स्पीड काम होगा। अगर लोडिंग स्पीड काम होगा तो वेबसाइट के रैंक करने के Possiblilty ज्यादा हो जाता है। आप हमेसा कोसिस करे की आप  . Jpg इमेज Formate का यूज़ करे। 

#Contant का length

अक्सर देखा गया है की जिस Contant की लेंथ ज्यादा होती है। उसके रैंक करने की Possibility ज्यादा होती है। ज्यादा लम्बा कंटेंट से सर्च Engine ये समझते है की। ये कंटेंट ज्यादा अच्छा और Informative है।

बात आती है की कंटेंट कितना लम्बा होना चाहिए ?

इसका सीधा जबा ये कह सकते है की अगर आप किसी भी टॉपिक पर ब्लॉग लिखते है। तो हमेसा याद रखे की आप की कंटेंट की लम्बाई काम से काम 1000  Word  से लेकर  2500 + के बिच होना चाहिए। अगर इसके बिच आपके ब्लॉग का वर्ड काउंट है तो ये SEO के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।

# Page या Blog linking 

पेज Linking भी One Page Seo में एक बहुत ही Important Roal प्ले करता है।  आप हमेसा कोसिस करे की जिस टॉपिक पर आप ब्लॉग लिख रहे है। उस टॉपिक से रिलेटेड आर्टिकल से आप का ब्लॉग लिंक होना चाहिए। 

Page Lnk करने से क्या होता है ?

पेज लिंक करने से आप की आर्टिकल यूजर फ्रेंडली हो जाता है। इसके Help से आप के linked post को भी ट्रैफिक मिल जाता है। रीडर उस वर्ड को सर्च किये बिना लिंक के द्वारा उस आर्टिकल पर पहुंच जाता है। आप के website का यूजर engament बढ़ ज्याता है। आप जाते ही है ज्यादा यूजर engament  मतलब ज्यादा ट्रैफिक।